स्वर और व्यंजन : हिन्दी व्याकरण
(Last Updated : 14.12.19)
हिंदी वर्णमाला में वर्णों को दो भागों में बाँटा गया है - १. स्वर २. व्यंजन।
स्वर : जिन वर्णों का स्वतंत्र उच्चारण किया जा सके या जिन ध्वनियों के उच्चारण के समय हवा बिना किसी रुकावट के निकलती है, वे स्वर कहलाते हैं, जैसे – अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, (ऋ), ए, ऐ, ओ, औ, (ऑ)।
यहाँ उल्लेखनीय है कि ऋ हिन्दी में उच्चारण की दृष्टि से स्वर नहीं है, लेखन की दृष्टि से ऋ स्वर है । इसी प्रकार ऑ अंग्रेजी के डॉक्टर, कॉलेज, नॉलेज आदि शब्दों में उच्चारण के कारण स्वर के रूप में प्रचलित हो गया है । अतः ऑ उच्चारण की दृष्टि से स्वर है ।
हिन्दी व्याकरण >> स्वर और व्यंजन (Swar Aur Vyanjan)
हिंदी वर्णमाला में वर्णों को दो भागों में बाँटा गया है - १. स्वर २. व्यंजन।
स्वर और उसके भेद / प्रकार
स्वर : जिन वर्णों का स्वतंत्र उच्चारण किया जा सके या जिन ध्वनियों के उच्चारण के समय हवा बिना किसी रुकावट के निकलती है, वे स्वर कहलाते हैं, जैसे – अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, (ऋ), ए, ऐ, ओ, औ, (ऑ)।
यहाँ उल्लेखनीय है कि ऋ हिन्दी में उच्चारण की दृष्टि से स्वर नहीं है, लेखन की दृष्टि से ऋ स्वर है । इसी प्रकार ऑ अंग्रेजी के डॉक्टर, कॉलेज, नॉलेज आदि शब्दों में उच्चारण के कारण स्वर के रूप में प्रचलित हो गया है । अतः ऑ उच्चारण की दृष्टि से स्वर है ।